कलम को हथियार बनाते नन्हे पत्रकार
बच्चों की उम्र भले ही 15 वर्ष से कम हो, मगर इनकी आंखों में सपने बड़े-बड़े हैं। ये बच्चे समाज में बढ़ते भ्रष्टाचार से लेकर बिजली, पानी की समस्याओं तक से समाज को मुक्ति दिलाना चाहते हैं। वे इसके लिए कलम को हथियार बनाने के लिए तैयार हैं। यहां हम उन बाल पत्रकारों की बात कर रहे हैं, जो पत्रकारिता में अपना भविष्य संवारने के साथ समाज को समस्याओं से छुटकारा दिलाना चाहते हैं।
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'महोबिया पान' पर संकट
पान का जिक्र आए और महोबा की चर्चा न हो, ऐसा हो नहीं सकता। मगर अब इस पान पर संकट मंडराने लगा है, क्योंकि मौसम की मार और सरकार की बेरुखी के चलते महोबिया पान की खेती करने वाले किसान घाटे का सौदा मानकर इससे किनारा करने लगे हैं और नई पीढ़ी भी अपना पुश्तैनी काम करने को तैयार नहीं है।
उत्तर प्रदेश के बुंदेलखण्ड के महोबा जिले की दुनिया में पहचान आल्हा-ऊदल व पान के कारण रही है। आगे..
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वरिष्ठ नागरिकों का पसंदीदा शहर बना आगरा
ताजनगरी कई वरिष्ठ नागरिकों और सेवानिवृत्त लोगों का पसंदीदा शहर बन गया है। ऐसे लोगों की तादाद काफी ज्यादा है जो अपनी जिंदगी के आखिरी कुछ साल आगरा में सुकून और आराम के साथ बिताना चाहते हैं।
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भारतीय मूल के प्रोफेसर ने मुर्गे के पंख से बनाया ईंधन
अमेरिका में भारतीय मूल के प्रोफेसर मनोरंजन 'मनो' मिश्रा मुर्गे के पंख और कॉफी के दानों से ईंधन बनाकर सुर्खियों में हैं। उन्हें इस कार्य के लिए सम्मानित भी किया गया है।
मिश्रा को 'नेवादा सिस्टम ऑफ हायर एजुकेशन बोर्ड ऑफ रिजेंट्स' ने वर्ष 2010 की 'रिजेंट्स रिसर्चर' उपाधि से नवाजा है।
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महाजनी प्रथा के खिलाफ महिलाओं का अनोखा 'बैंक'
कल तक बेरोजगारी का दंश झेल रही कमला देवी आज एक दुकान चलाकर न केवल अपने बच्चों को पालन-पोषण रही हैं बल्कि उन्हें अच्छी शिक्षा देने के सपने भी देख रही है। इसी तरह बालो देवी भी एक अंडा दुकान चला रही हैं। यह कहानी झारखण्ड की सिर्फ दो महिलाओं की नहीं है बल्कि ऐसी कई महिलाएं और समूह हैं जो 'इथिका वित्त अभिक्रम' नामक बैंक के सहारे सुविधा संपन्न जीवन के सपने देख रही हैं।
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‘चीनी संसद में चुप्पी तो भारतीय संसद में शोर’
प्रतिष्ठित डेमोक्रेसी सर्विस मेडल से सम्मानित तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने भारतीय लोकतंत्र की यह कहते हुए प्रशंसा की है कि चीन के ठीक विपरीत भारतीय लोकतंत्र में हर किसी को अपने विचारों की अभिव्यक्ति की आजादी है।
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